न्‍यूरालिंक ब्रेन चिप क्‍या है What is Neuralink Brain Chip 2024

Published
Written by Nishant Kumar Yogesh
Expertise Software Engineer
282 views

Neuralink Brain Chip – एलन मस्क, यह नाम तो आपने सुना ही होगा। यह वही व्यक्ति हैं जिन्होंने मंगल ग्रह पर कॉलोनी बसाने और इंसान के दिमाग में चिप लगाने जैसे कई कठिन कामों को करने की ठान रखी है, जिन्हें साधारण व्यक्ति करने की तो दूर, सोच भी नहीं सकता। अब आप सोच रहे होंगे कि हम यह सब आपको क्यों बता रहे हैं, और शायद सोच रहे होंगे कि इंसान के दिमाग में चिप कैसे लग सकती है, और अगर लग भी जाए तो उससे क्या होगा।

Neuralink Brain Chip क्या है ?

Neuralink Brain Chip एक छोटा सा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जिसे एलन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक ने विकसित किया है। इसे मानव मस्तिष्क की सतह पर लगाया जाता है। यह चिप जनवरी 2024 में लगाया गया है और यह मस्तिष्क की कोशिकाओं, यानि न्यूरॉन्स, की विद्युत गतिविधि को रिकॉर्ड करेगा। यह चिप मस्तिष्क को विद्युत संकेत भी भेज सकता है। इस द्वि-दिशात्मक संचार के माध्यम से, न्यूरालिंक ब्रेन चिप मस्तिष्क और मशीनों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को सक्षम बनाता है।

Neuralink Brain Chip कैसे काम करता है ?

Neuralink Brain Chip में हजारों छोटे इलेक्ट्रोड होते हैं जो मस्तिष्क की सतह से जुड़ते हैं। ये इलेक्ट्रोड न्यूरॉन्स द्वारा उत्पन्न विद्युत संकेतों का पता लगाते हैं और मस्तिष्क से मिलने वाले विद्युत संकेतों को प्रोसेस करके कंप्यूटर सिस्टम को भेजते हैं, जहां इस डेटा का विश्लेषण किया जाता है। कंप्यूटर सिस्टम पर प्राप्त डेटा के आधार पर, कंप्यूटर के माध्यम से मस्तिष्क में लगी चिप को निर्देश भेजे जा सकते हैं।

विस्तार से जानें कि न्यूरालिंक ब्रेन चिप कैसे काम करता है:

न्‍यूरालिंक चिप के इलेक्ट्रोड को मस्तिष्क में इस प्रकार लगाया जाता है कि वे इलेक्ट्रोड न्यूरॉन्स द्वारा भेजे गए विद्युत संकेतों को पढ़ सकें। इन संकेतों में मानवीय विचारों और भावनाओं से जुड़ी जानकारी होती है। चिप इन संकेतों को कंप्यूटर भाषा में अनुवाद कर कंप्यूटर तक भेजती है। फिर कंप्यूटर पर प्राप्त डेटा का विश्लेषण किया जाता है और इस आधार पर चिप को निर्देश भी भेजे जा सकते हैं।

Neuralink Brain Chip की विशेषताएं:

1- मस्तिष्क में लगाए जाने के बाद चिप बाहर से दिखाई नहीं देती और इसे कहीं से भी मोबाइल और कंप्यूटर के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है।

2- न्यूरालिंक चिप को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यह मानव शरीर की तुलना में कई गुना कठोर शारीरिक स्थितियों का सामना कर सके।

3- यह चिप एक छोटी बैटरी के माध्यम से चलती है जिसे एक कॉम्पैक्ट इंडक्टिव चार्जर के माध्यम से वायरलेस तरीके से चार्ज किया जा सकता है।

4- यह चिप 44 धागों में वितरित 1024 इलेक्ट्रोडों के माध्यम से न्यूरल गतिविधि को रिकॉर्ड करती है। ये धागे बहुत पतले और लचीले होते हैं।

5- इस चिप को मस्तिष्क में लगाने के लिए सर्जिकल रोबोट का प्रयोग किया गया है।

सर्जिकल रोबोट में क्या खास है:

1- चिप इम्प्लांट के धागे बहुत पतले होते हैं जिन्हें इंसान के द्वारा लगाना मुश्किल होता है, इसलिए सर्जिकल रोबोट को इन धागों को सही तरीके से मस्तिष्क में डालने के लिए डिजाइन किया गया है।

2- रोबोट के हेड पर 5 कैमरे, लाइट, और सेंसर लगे होते हैं, जिसमें एक Optical Coherence Tomography (OCT) सिस्टम शामिल है।

3- इसमें एक सुई लगी होती है जो इंसान के बाल से भी महीन होती है और इस सुई के माध्यम से इन धागों को इंसान के दिमाग में डाला जाता है।

Nishant Kumar Yogesh

Software Engineer at Yourskart Technologies