आईरिस स्कैनिंग टेक्नोलॉजी क्या है
आईरिस
स्कैनिंग टेक्नोलॉजी एक बायोमेट्रिक टेक्नोलॉजी
है जो व्यक्तिगत पहचान
के लिए मानव आँख के आईरिस पैटर्न
का उपयोग करती है। यह एक प्रकार
की बायोमेट्रिक पहचान है, जिसमें व्यक्तिगत शरीर के अद्वितीय फीचर्स
का उपयोग करके पहचान की जाती है।
मानव
आँख का आईरिस एक
विशिष्ट पैटर्न होता है जो आँख
के पुंजे के आसपास की
रेटिना के आसपास होता
है। यह पैटर्न व्यक्तिगत
होता है और व्यक्तिगत
आईडेंटिफिकेशन के लिए इस्तेमाल
किया जाता है।
आईरिस
स्कैनिंग के कुछ मुख्य
विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
अद्वितीयता:
हर व्यक्ति का आईरिस पैटर्न
अद्वितीय होता है, जिसका मतलब है कि किसी
दूसरे व्यक्ति के आईरिस से
नकल करना कठिन होता है।
अधिक सुरक्षा: आईरिस स्कैनिंग एक बहुत ही